मस्त विचार 2563
आवाज देने से ही कारवां नहीं रुका करते,
देखा ये भी जाता है की पुकारा किसने है.
देखा ये भी जाता है की पुकारा किसने है.
आज उसी घर में रहने से बैचेन है इंसान…
तुम भी उठाओ “हाथ” के मौसम “दुआ” का है.
मिली तो इस “शर्त” पे कि किसी से ना मिलो..!!
“ज़िन्दगी एक सफ़र है, आराम से चलते रहो
उतार-चढ़ाव तो आते रहेंगें, बस गियर बदलते रहो”
पर…उनको मेरी जरुरत होती तब…