मस्त विचार 2475

न चादर बड़ी कीजिये,  न ख्वाहिशें दफन कीजिये,

चार दिन की ज़िन्दगी है, चैन से बसर कीजिये…

न परेशान किसी को कीजिये,न हैरान किसी को कीजिये,

कोई लाख गलत भी बोले, बस मुस्कुरा कर छोड़ दीजिये…

न रूठा किसी से कीजिये, न झूठा वादा किसी से कीजिये,

कुछ फुरसत के पल निकालिये, कभी खुद से भी मिला कीजिये.

मस्त विचार 2473

अज़ीब सा तमाशा चल रहा है इस दुनिया में

सब नाच रहे हैं

कुछ अपनी मर्जी से कुछ किस्मत की मर्जी से.

मस्त विचार 2471

छोड़ दो मुड़कर देखना उनको, जो तुम से दूर जाया करते हैं.

जिनको साथ नहीं चलना होता, वो अक्सर रूठ जाया करते हैं.

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