मस्त विचार 4764
किसे सुनाऊँ अपनी जिंदगी की दास्तां…
सभी मुझसे अधिक भयावह अनुभव लिए बैठे हैं.
सभी मुझसे अधिक भयावह अनुभव लिए बैठे हैं.
आप अपने आप में क्या देखते हो, वही सब कुछ है.
उन पर ऐतबार करके मुझे कोई सबक जरूर मिल जाता है.
फुज़ूल ख़र्ची की हमको आदत सी हो गई है..!!
फिर भी पूछते हैं और बताओ क्या हाल है ..