मस्त विचार 2260
घड़ी की सुइयों जैसा रिश्ता है हमारा,
कभी मिलते हैं…कभी नहीं…पर हाँ, जुड़े रहते हैं.
कभी मिलते हैं…कभी नहीं…पर हाँ, जुड़े रहते हैं.
तेरा वजूद मिट जाएगा मेरी हकीकत ढूंढते ढूंढते.
बस दूर हो जाता है उन लोगों से, जिन्हें उसकी कदर नहीं होती.
तब तक आदमी जीता हुआ रहता है.
जिस में रास्ते का पता नहीं और चलने को दिल करता है.
धोखा वही देता है जिस पे भरोसा होता है.