मस्त विचार 2398
वो जो समझे थे तमाशा होगा,
मैंने चुप रह के बाज़ी पलट दी..
मैंने चुप रह के बाज़ी पलट दी..
तुम अपने आप को खुद ही बदल सको तो चलो..
सभी के सर पे ज़िम्मेदारियाँ हैं.
मुस्कुराओ तो लोग जलते हैं, तन्हा रहो तो सवाल करते हैं.
गहरा वही हो सकता है जिसने गहरी चोटें खाई हो…
परहेज है जिससे मुझे, उसी तरफ खिंचाव है.