मस्त विचार 2225
जिंदगी में कुछ फैसले हम खुद लेते हैं, और कुछ हमारी तकदीर.
बस अंतर तो सिर्फ इतना है कि
तकदीर के फैसले हमें पसंद नहीं आते
और हमारे फैसले तकदीर पसंद नहीं करती…
बस अंतर तो सिर्फ इतना है कि
तकदीर के फैसले हमें पसंद नहीं आते
और हमारे फैसले तकदीर पसंद नहीं करती…
इसलिए मुसीबत अकेले नहीं आती है.
कोई आँखों- आँखों में मुलाकात कर लेता है.
बड़ी मुश्किल होता है जवाब देना
जब कोई खामोश रह कर सवाल कर लेता है.
हम अपनी खुशियां लुटा कर जीते हैं.
सच कह कर किसी को कोई नाराज नहीं करता.
तुम से मिलने के बाद जाना, मिलते रहे तो ही जिंदा रहेंगे.