मस्त विचार 2201
शब्दों के दांत नहीं होते
पर जब ये काटते हैं तो बहुत दर्द होता है
और इसके हुए ज़ख्म कभी नहीं भरते.
पर जब ये काटते हैं तो बहुत दर्द होता है
और इसके हुए ज़ख्म कभी नहीं भरते.
आँखों में उम्मीद के ख़्वाब भरो.
अपनी मंजिल खुद तय करो,
इस बेदर्द दुनिया से मत डरो.
जिन्हें हद से ज्यादा वक़्त दिया जाता है.
गिरना भी चाहता हूं….बस रुकना नहीं चाहता.
उससे भी ज़िन्दगी छोटी हो जाती है.
और “किस्मत” महलों में राज करती है!!