मस्त विचार 2344

“काश, मेरे अंदर मेरे मन की ज़िन्दगी जीने का साहस होता,

न कि ऐसी ज़िन्दगी जैसे की दूसरे मुझसे उम्मीद करते थे.”

I wish I’d had the courage to live a life true to myself,

not the life others expected of me.“

मस्त विचार 2343

चाहत पर अब एतबार ना रहा,……

खुशी क्या है यह एहसास ना रहा…..

देखा है इन आँखो ने टूटे सपनो को,…

इसलिए अब किसी का इंतेज़ार ना रहा…!!

मस्त विचार 2341

“ज़रा सी ज़िंदगी है, अरमान बहुत हैं;

हमदर्द नहीं कोई, इंसान बहुत हैं;

दिल के दर्द सुनाएं तो किसको;

जो दिल के करीब है, वो अनजान बहुत है !!

मस्त विचार 2340

शिकवा तो बहुत हैं मगर..शिकायत नहीं कर सकते,

मेरे होठों को इजाजत नहीं..तेरे खिलाफ बोलने की.

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