मस्त विचार 2286

नजदीकीयो को नापने का बेहतरीन पैमाना है …..दूरियां,

दूरियां …..अगर बेचैन करती हैं तो समझिए…..नजदीकीयां बहुत है,

और …… अगर नहीं करतीं तो समझिए दूरियां अब भी हैं.

मस्त विचार 2285

मेरी आँखों पर तेरी निगाहों ने दस्तख़त क्या किए…

हमने साँसों की वसीयत तुम्हारे नाम कर दी…

मस्त विचार 2282

चलो ऐसा करते हैं,

तुम मोम बन जाओ, मैं धागा बन जाऊं.

तुम मुझ में पिघल जाओ, मैं तुम में जल जाऊं.

मस्त विचार 2281

जानता हूँ सुलझ जाती है एक दिन उलझी जुल्फे,

लेकिन गुजर जाती है जिंदगी वक़्त को सुलझाने में…..

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