मस्त विचार 2286
नजदीकीयो को नापने का बेहतरीन पैमाना है …..दूरियां,
दूरियां …..अगर बेचैन करती हैं तो समझिए…..नजदीकीयां बहुत है,
और …… अगर नहीं करतीं तो समझिए दूरियां अब भी हैं.
दूरियां …..अगर बेचैन करती हैं तो समझिए…..नजदीकीयां बहुत है,
और …… अगर नहीं करतीं तो समझिए दूरियां अब भी हैं.
हमने साँसों की वसीयत तुम्हारे नाम कर दी…
ये ना करते तो फिर प्यार हो जाता.
बाद में जाने क्या हुआ, न जाने क्या बात हुई.
तुम मोम बन जाओ, मैं धागा बन जाऊं.
तुम मुझ में पिघल जाओ, मैं तुम में जल जाऊं.
लेकिन गुजर जाती है जिंदगी वक़्त को सुलझाने में…..