मस्त विचार 2111

मत खोलना मेरी जिंदगी की पुरानी किताबों को,

“जो था वो मैं रहा नहीं और जो हूँ वो किसीको पता नहीं”

मस्त विचार 2109

पतझड़ भी हिस्सा है जिंदगी के मौसम का !

फ़र्क सिर्फ इतना है…कुदरत में पत्ते सूखते हैं…

हक़ीक़त में रिश्ते !!….

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