मस्त विचार 2160
तेरी शान में क्या नज़्म कहूँ अल्फाज नही मिलते..
कुछ गुलाब ऐसे भी हैं जो हर शाख पे नही खिलते..
कुछ गुलाब ऐसे भी हैं जो हर शाख पे नही खिलते..
कि अस्त हो जाते है …
पर दिल को जिद है अपने ही अंदाज से जीने की.
यक़ीनन उसके हिस्से में “चाँद” भी होगा.
इतना बोलने लगता है कि बकवास करने लग जाता है.
यकीन कर लो, कि कोई ना कोई, कहीं ना कहीं,
आपके लिए दुआ कर रहा है.