मस्त विचार 2105

लहजे में “बदजुबानी” चेहरे पे “नकाब” लिए फिरते हैं,

जिनके “खुद” के बही खाते बिगड़े हैं, वो मेरा हिसाब लिए फिरते हैं.

मस्त विचार 2104

दुश्मन कहाँ तैयार किये जाते हैं ?

वे तो आपकी सरलता, प्रसिद्धि और समृद्धि के साथ ही जन्म ले चुके होते हैं…

हाँ हमें इनके बारे में पता तनिक देर से चलता है.

दुश्मन बनाने के लिए किसी का बुरा करने की जरुरत नहीं,

खुद तरक्की कर लो तो दुश्मनों का काफिला खड़ा हो जाएगा.

मस्त विचार 2101

जो लोग आपके इर्द गिर्द रहतें हैं, उन्हें शायद आप बदल न पाएं.

लेकिन उन्हें तो आप बदल ही सकतें हैं, जिनके इर्द गिर्द आप रहना चाहतें हैं.

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