मस्त विचार 2154
उडने दो मिट्टी को
आखिर कहाँ तक उडेगी…
हवाओं ने जब साथ छोडा तो आ कर जमीन पर ही बिखरेगी……
आखिर कहाँ तक उडेगी…
हवाओं ने जब साथ छोडा तो आ कर जमीन पर ही बिखरेगी……
तेरी एक नजर ही जीवन निखार गई..
सब संतुलन का खेल है..
तुझमें क्या क्या देखा है ये वक़्त मिला तो सोचेंगे.
लेकिन बहुत विस्तृत हूँ अपने अर्थों में.
वो लोग दूसरों के लिए हमेशा हाजिर रहते हैं .. !!