मस्त विचार 2076
दर्द है कि जाता नहीं, तू है कि आता नहीं.
छोड़ू मैं किसे…दोनों ही तुम्हारे हैं.
सुख में तेरा शुक्र करू, दुःख में फ़रियाद करूँ.
जिस हाल में तू रखे मुझे,…मैं तुम्हे याद करू.
अजी हम भी हैं इंसा, तुमसे जुदा तो नहीं.
उसने गले लगाकर सारा हिसाब बिगाड़ दिया.
मगर धार काँटों की तेज हो गई उसके सुखने के बाद !!
_ तब तक कोई भी आपकी पीठ पर नहीं चढ़ पाएगा..