मस्त विचार 2089

मोतियों को तो आदत है, बिखर जाने की,

ये तो बस धागे की ज़िद है कि सबको पिरोये रखना है.

माला की तारीफ़ तो करते हैं सब, क्योंकि मोती सबको दिखाई देते हैं.

काबिले तारीफ़ धागा है जनाब, जिसने सब को जोड़ रखा है.

मस्त विचार 2088

छोटी सी ज़िन्दगी है हँस के जियो

भुला के गम सारे दिल से जियो

उदासी में क्या रखा है, मुस्कुरा के जियो

अपने लिए न सही अपनों के लिए जियो.

मस्त विचार 2087

हमको मिली हैं आज ये घडीयाँ नसीब से

जी भर के देख लीजिये हमको करीब से

फिर आप के नसीब में ये बात हो न हो

शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो.

मस्त विचार 2086

हौंसले बुलंद कर रास्तों पर चल दे; तुझे तेरा मुक़ाम मिल जायेगा;

_ बढ़ कर अकेला तू पहल कर; देख कर तुझको काफिला खुद बन जायेगा.!!

खंभे के मजबूत होने के कारण ही इमारत बुलंद है.!!
error: Content is protected