मस्त विचार 2029
“”.जो चाह से मिलता है, उसे चाहत कहते हैं,
जो मांगने से मिलता है, उसे मन्नत कहते हैं,
जो बिना चाहे बिना माँगे मिलता है, उसे तेरी रहमत कहते है !!
जो मांगने से मिलता है, उसे मन्नत कहते हैं,
जो बिना चाहे बिना माँगे मिलता है, उसे तेरी रहमत कहते है !!
जब हम ना होंगे, तब हमारी बातें होंगी,
कभी पलटोगे जिंदगी के ये पन्ने..
तो शायद आप की आँखों से भी बरसातें होंगी।
अगर वह अच्छे के लिए हो रहा है, तो हमें बाहें फैलाकर उसका स्वागत करना चाहिए.
आप उससे भी अच्छा हासिल कर सकते हो..
क्योंकि ज़माना बहुत अजीब है,
नाकामयाब लोगों का मज़ाक उड़ाता है,
और कामयाब लोगों से जलता है.
_ जिसको आप चाहते हो वो छोड़ ही जाएगा..
पर सर पर है कितना बोझ, ये कोई देखता नहीं…