मस्त विचार 2077
बदलते हुए हालात में ढल जाता हूँ मैं,
मगर देखने वाले अदाकार समझतें हैं मुझको.
मगर देखने वाले अदाकार समझतें हैं मुझको.
छोड़ू मैं किसे…दोनों ही तुम्हारे हैं.
सुख में तेरा शुक्र करू, दुःख में फ़रियाद करूँ.
जिस हाल में तू रखे मुझे,…मैं तुम्हे याद करू.
अजी हम भी हैं इंसा, तुमसे जुदा तो नहीं.
उसने गले लगाकर सारा हिसाब बिगाड़ दिया.
मगर धार काँटों की तेज हो गई उसके सुखने के बाद !!