मस्त विचार 2277
तुम्हारी राह में मिट्टी के घर नहीं आते,
इसीलिए तो तुम्हें हम नज़र नहीं आते.
इसीलिए तो तुम्हें हम नज़र नहीं आते.
यकीन नहीं होता इन्होनें कभी कश्तियाँ डूबाई होंगी.
मगर स्वभाव में ग़ुरूर खलता है..
तब उसे कुछ भी खोने का डर नहीं रहता.
मगर भरोसा बार- बार नहीं.
ये दुनिया खामखां कहती है की तुम मेरे करीब नहीं………!!!!