मस्त विचार 2191
किसी मायूस इसांन को हँसा दूँ..
इससे अच्छी आदत क्या होगी मेरी…
किसी के दिल का दर्द छीन लूँ….
इससे अच्छी नियत क्या होगी मेरी.
इससे अच्छी आदत क्या होगी मेरी…
किसी के दिल का दर्द छीन लूँ….
इससे अच्छी नियत क्या होगी मेरी.
ना नींद पूरी हुई, ना ख्वाब मुकम्मल हुए!!!
यहाँ हर एक को नाटक करना पड़ता है.
“माचिस की ज़रूरत यहाँ नहीं पड़ती…
यहाँ आदमी आदमी से जलता है..
_ क्योंकि ये न तो वापस आते हैं और न ही वापस मौका देते हैं ..
_ यह सिर्फ़ भुगत कर ही महसूस किया जा सकता है.!!
पता नही गलती किसकी है, वक्त बुरा है या बुरे हम हो गए हैं .
_ आप के लिए सज़ा बन सकते हैं ..