मस्त विचार 1987

ढूंढ तो लेते तुम्हें हम, शहर में भीड़ इतनी भी न थी,

पर रोक दी तलाश हमने

क्योंकि तुम खोये नहीं थे, बदल गये थे.

मस्त विचार 1985

असफल लोग दो तरह के होते हैं, – एक प्रकार वे हैं जिन्होंने काम के बारे में सोचा लेकिन काम नहीं किया_

_ दूसरा प्रकार वे हैं जिन्होंने काम किया लेकिन सोचा नहीं..

मस्त विचार 1984

खुशियां उतनी ही अच्छी, जितनी मुट्ठियों में समां जाय.

छलकती, बिखरती खुशियों को अक्सर नज़र लग जाती है.

मस्त विचार 1983

कुछ लोग हमसे फायदा उठाते हुए भी कुछ इस तरह पेश आते हैं,

जैसे वे हमसे फायदा उठाकर भी हम पर कोई अहसान कर रहें हों.

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