मस्त विचार 2188

अपने समय और अपने शब्दों के प्रयोग में कभी लापरवाही नहीं बरतें, _

_ क्योंकि ये न तो वापस आते हैं और न ही वापस मौका देते हैं ..

कभी कभी थोड़ा-सा लापरवाह होना जीवन भर का अफसोस बन जाता है,

_ यह सिर्फ़ भुगत कर ही महसूस किया जा सकता है.!!

मस्त विचार 2187

आँखो के पर्दे भी नम हो गए हैं , बातो के सिलसिले भी कम हो गए हैं.

पता नही गलती किसकी है, वक्त बुरा है या बुरे हम हो गए हैं .

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