मस्त विचार 2241
कभी न कहो कि, दिन अपने खराब हैं.
_ समझ लो कि हम, काँटों से घिर गए गुलाब हैं.
लगा के कांटें ये मत सोचो गुलाब आएँगे, जैसे बोवोगे वैसा ही काटोगे..!!
लगाए कांटे तो कैसे गुलाब आएगा, जो बोवोगे वही वापस आएगा !!
_ समझ लो कि हम, काँटों से घिर गए गुलाब हैं.
और जब पलटती है, तब पलटकर रख देती है.
इसलिये अच्छे दिनों मे अहंकार न करो …….
.लोग आपको दिल से याद करे तो समझ लेना आप पास हो गए.
कुछ कहा मैंने,
पर शायद तूने सुना नहीँ..
तू छीन सकती है बचपन मेरा,
पर बचपना नहीं..
“दुनिया” वालो की पसंद तो पलभर मे बदल जाती है।।”
बस सामने वाले को आपसे कोई काम पड़ना चाहिये….. . . . . . .