मस्त विचार 1981
जहाँ तक नज़र न आये, वहाँ तक का साथ चाहिये,
दिल मचलता रहे लहरों की तरह, वैसा मिज़ाज़ चाहिए ।।
दिल मचलता रहे लहरों की तरह, वैसा मिज़ाज़ चाहिए ।।
_ हर कोई यहाँ अपने भाग्य और अपनी हक़ीक़त बनाने में लगा है..!!
मग़रुर रहने का अंदाज हमेशा तन्हा कर देता है !!
मैं अपने आप में रहता नहीं हूँ.
मैंने वक़्त की जेब से सावन चुरा लिया…
में ख्वाहिशों का बहोत कत्ल-ए- आम करता हूँ..!!