मस्त विचार 2170

अच्छाई और बुराई दोनों हमारे अंदर है, _

_ जिसका अधिक प्रयोग करोगे, वो उभरती व निखरती जाएगी ..

मस्त विचार 2168

सजा बन जाती है गुजरे वक़्त की यादें,

_ ना जाने क्यों लोग, मतलब के लिए मेहरबान होते हैं.

हम जैसे हैं वैसा स्वीकारने वाले इस दुनिया में कम होते हैं,

_ ग़र कोई हमारी ज़िंदगी में ऐसा है तो यकीं करिए, हम पर ख़ुदा की मेहर है.!!

मस्त विचार 2167

यूं तो सब के साथ हंस लेता था मैं.

आज क्यूं बेवजह रोने लगा हूँ मैं.

बरसों से हथेलियां खाली ही रहीं मेरी.

फिर आज क्यों लगा सब खोने लगा हूँ मैं.

मस्त विचार 2166

#जिंदगी बड़ी #अजीब सी हो गयी है.. जो #मुसाफिर थे…

वो #रास नहीं आये, जिन्हें #चाहा वो साथ नहीं आये !

मस्त विचार 2165

-उड़ जाएंगे एक दिन …,तस्वीर से रंगों की तरह !

हम वक्त की टहनी पर…, बेठे हैं परिंदों की तरह !!

‘केनवास’ पर बनी ‘पेंटिग’ को रचने में रंगों को अपना अस्तित्व मिटाना पड़ता है.
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