मस्त विचार 2229
किसी के लिए पूर्ण समर्पित होना मुश्किल नहीं है.
मुश्किल है ऐसा शख्स ढूँढना, जो उस समर्पण का हक़दार हो.
मुश्किल है ऐसा शख्स ढूँढना, जो उस समर्पण का हक़दार हो.
दर्जा तुम्हारा यकीनन खुदा का हो चला है…
तेरे खिलाफ हरेक बेजबान बोलेगा…
हमारी चीख कभी बेअसर नहीं होगीं,
ज़मीं खामोश सही आसमान बोलेगा…
तरीका तुमने बदला तो, सलीका हम बदल बैठे.
बस अंतर तो सिर्फ इतना है कि
तकदीर के फैसले हमें पसंद नहीं आते
और हमारे फैसले तकदीर पसंद नहीं करती…
इसलिए मुसीबत अकेले नहीं आती है.