मस्त विचार 2143
मेरी खामोशियों के राज मुझे खुद नहीं मालूम,
जाने फिर क्यों लोग मुझे मगरूर समझते हैं.
जाने फिर क्यों लोग मुझे मगरूर समझते हैं.
किसी को कहकर अपना बनाया नही जाता.
गम छुपा कर अपने, औरों के दिल मे बसते है.
मगर तेरी कुछ बातों ने मुझे जीना सीखा दिया.
इस से जो खुशी व संतुष्टि मिलेगी वह अप्रतिम होगी.