मस्त विचार 2217
अपने हँसने का वो जुर्माना भरा है हमने, _
_ मुस्कुरा के कोई मिलता है तो डर जाते हैं ..
_ मुस्कुरा के कोई मिलता है तो डर जाते हैं ..
हम मिले ही क्यूँ थे जब हमें मिलना ही नहीं था..
कभी जो कच्चे घरों में दीये जलाये थे……
” एक घाव “……. ” एक लगाव “… —
धूप में काँच का टुकड़ा भी चमक जाता है…