मस्त विचार 2006
लड़ाई है अब खुद से, खुद को बदलने की _
_ खुद को, और अधिक बेहतर बनाने की !!
_ खुद को, और अधिक बेहतर बनाने की !!
मगर ये सब, मुमकिन नहीं हवाओं से रिश्ता किये बगैर.
ये नमक का शहर है.
छोटी सी जिंदगी है साहब किस किस को मनाएंगे हम.
फिर भी एक- दूसरे का इस्तेमाल करते हैं.