मस्त विचार 2146
हर पतंग जानती है कि अंत में कचरे में जाना है
लेकिन उस के पहले हमें आसमान छू कर देखना है,
…..जिंदगी भी यही चाहती है.
लेकिन उस के पहले हमें आसमान छू कर देखना है,
…..जिंदगी भी यही चाहती है.
लोगों को भी पता चले आखिर जिन्दगी होती क्या है…
जाने फिर क्यों लोग मुझे मगरूर समझते हैं.
किसी को कहकर अपना बनाया नही जाता.