मस्त विचार 2199
बदल जाते है वे लोग वक्त की तरह,
जिन्हें हद से ज्यादा वक़्त दिया जाता है.
जिन्हें हद से ज्यादा वक़्त दिया जाता है.
गिरना भी चाहता हूं….बस रुकना नहीं चाहता.
उससे भी ज़िन्दगी छोटी हो जाती है.
और “किस्मत” महलों में राज करती है!!
शौक तो मां-बाप के पैसों से पुरे होते थे,
अपने पैसों से तो सिर्फ जरूरतें पुरी होती है। …!!!
मुनासिब होगा मेरा हिसाब कर दे…!!”