मस्त विचार 2135
उन्होंने धक्का दिया हमें डुबोने के लिए
और अंजाम यह रहा कि हम तैराक बन गए.
और अंजाम यह रहा कि हम तैराक बन गए.
मगर आइनों सी साफ़ जिन्दगी जीता नहीं है कोई.
दर्द का अहसास तो तब हुआ जब तीरों की कमान अपनों के हाथो में देखी !
कि धूप कितनी भी तेज हो समुन्द्र कभी सुखा नहीं करते !
जो हर किसी के बस की बात नहीं.
तब अपने आप ही आप को खुशियां मिल जाएंगी.