मस्त विचार 2181

यूँ समँझ लो,

प्यास लगी थी गजब की…मगर पानी मे जहर था…

पीते तो मर जाते और ना पीते तो भी मर जाते.

मस्त विचार 2179

एक कोशिश और कर बैठ न तू हार कर

तू है पुजारी कर्म का

थोडा तो इंतज़ार कर

विश्वास को दृढ़ बना

संकल्प को कृत बना

एक कोशिश और कर बैठ न तू हार कर.

मस्त विचार 2178

ताल्लुक कौन रखता है किसी नाकाम से लेकिन,

मिले जो कामयाबी सारे रिश्ते बोल पड़ते हैं.

मेरी खूबी पे रहते हैं यहां अहले ज़बान खामोश,

मेरे ऐबों पे चर्चा हो तो गूंगे बोल पड़ते हैं.

मस्त विचार 2177

हंसने की इच्छा ना हो…तो भी हसना पड़ता है… .

कोई जब पूछे कैसे हो…?? तो मजे में हूँ कहना पड़ता है…

मस्त विचार 2176

लौट आता हूँ वापस घर की तरफ… हर रोज़ थका-हारा,

आज तक समझ नहीं आया की जीने के लिए काम करता हूँ

या काम करने के लिए जीता हूँ.

error: Content is protected