मस्त विचार 2187

आँखो के पर्दे भी नम हो गए हैं , बातो के सिलसिले भी कम हो गए हैं.

पता नही गलती किसकी है, वक्त बुरा है या बुरे हम हो गए हैं .

मस्त विचार 2182

परिन्दे से किसी ने पूछा,,

“आपको गिरने का डर नही लगता ?

परिन्दे ने क्या गजब का जवाब दिया,

”मै इन्सान नही

जो ज़रा सी ऊँचाई पा कर अकड़ जाऊ..

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