मस्त विचार 2175

अजीब सौदागर है ये वक़्त भी!!!!

जवानी का लालच दे के बचपन ले गया….

अब अमीरी का लालच दे के जवानी ले जाएगा. ……

मस्त विचार 2174

आज ना जाने क्यों आँख में आँसू आ गए,

पैगाम लिखते-लिखते ख्वाब याद आ गए,

मिलने कि तमन्ना थी आपसे,

लेकिन आँसू में आप नज़र आ गए,

मस्त विचार 2173

कुछ गलतियां सुधारी नहीं जाती

उसके साथ जिया जाता है,

उनके सुधार से परिस्थिति और बिगड़ जाती है.

मस्त विचार 2172

‘इंसान’ की ‘फ़ितरत’ भी ‘अज़ीब’ है –

‘स्वयं’ की गलती पर तो ‘वकील’ बनता है..और

‘दूसरों’ की ‘गलती’ पर सीधे ‘जज’ बन जाता है.

मस्त विचार 2171

कोई रूठे कोई माने, मैं ना पीछे जाऊँगा.

मैं तो मस्त मगन हुआ, तेरी शरण में ही सुख पाऊँगा.

एक तो मस्ती इस दुनिया की, पल- पल है भटकावे.

दूजी मस्ती प्रेम तेरे की, हर पल बढ़ती जावे.

बहुत निहारा इस दुनिया को, दर्द ना किसी का बाँटा.

तेरी एक नजर से मिट गयी, मेरे दुख की रेखा.

तुझसे पाकर प्यार अनूठा फिर ना किसी को देखा.

तेरे संग मगन हुआ इस दुनिया को, जग को भुला.

मस्त विचार 2170

अच्छाई और बुराई दोनों हमारे अंदर है, _

_ जिसका अधिक प्रयोग करोगे, वो उभरती व निखरती जाएगी ..

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