मस्त विचार 1910

तुम विजेता हो, जीतने की आदत बना डालो,

अपनी कमजोरियों को ही अपनी ताकत बना डालो,

यह काम है मुश्किल, कहते हैं हारनेवाले,

तुम हर मुश्किल को आंसा और मुमकिन बना डालो,

बहाने हैं बहुत, हारनेवालों की किस्मत में,

तुम हर बहाने को ही निशाना बना डालो.

हारने वाले करेंगे, काम कल-परसों,

तुम्हें जो भी करना है, बस आज कर डालो,

हारना या जीतना, फर्क बस एक नजरिया का,

उन्हें खाली की चिंता है, तुम भर कर दिखा डालो,

तुम विजेता हो, जीतने की आदत बना डालो.

मस्त विचार 1908

“स्कूलो” में लिखा होता है, “असूल” तोडना मना है !

बागों में लिखा होता है, “फूल” तोडना मना है !

“खेलों” में लिखा होता है, “रूल” तोडना मना है !

….काश …

रिश्ते, परिवार, दोस्ती में भी यह लिखा होता कि

“साथ” छोङना मना है”

मस्त विचार 1907

ऐ-जिंदगी तू खेलती बहुत है खुशियों से,

हम भी इरादे के पक्के हैं मुस्कुराना नहीं छोडेंगे !!

मस्त विचार 1906

ज़िन्दगी जीनी हैं तो तकलीफें तो होंगी ही ..

वरना मरने के बाद तो जलने का भी एहसास नहीं होता…

मस्त विचार 1905

थोड़ा धीरज रख, थोड़ा और जोर लगाता रह !!

किस्मत के जंग लगे दरवाजे को, खुलने में वक्त लगता है !!

कुछ देर रुकने के बाद, फिर से चल पड़ना दोस्त !!

हर ठोकर के बाद, संभलने में वक्त लगता है !!

बिखरेगी फिर वही चमक, तेरे वजूद से तू महसूस करना !!

टूटे हुए मन को, संवरने में थोड़ा वक्त लगता है !!

जो तूने कहा, कर दिखायेगा रख यकीन !!

गरजे जब बादल, तो बरसने में वक्त लगता है !!

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