मस्त विचार 1954

दर्द कैसा भी हो, आँखें नम न करो,

रात काली ही सही, गम न करो,

एक सितारा बनो और जगमगाते रहो,

जिन्दगी में सदा मुस्कुराते रहो.

मस्त विचार – सब कुछ किसी को नहीं मिलता – 1953

सब कुछ किसी को नहीं मिलता,

गुलाब के पास सुगंध है तो चमक नहीं,

सोने के पास चमक है तो सुगंध नहीं,

कोयल के पास कंठ है पर सौंदर्य नहीं,

मोर के पास सौंदर्य है पर कंठ नहीं,

कुछ न कुछ कम या अधूरा रह ही जाता है.

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