मस्त विचार 2033
हम तो फूलों की तरह, अपनी आदत से बेबस हैं…!
तोडने वाले को भी, खुशबू की सजा देते हैं..!!
तोडने वाले को भी, खुशबू की सजा देते हैं..!!
सुनो जब ये महकता है, बहुत कुछ ये कहता है.
कभी गुनगुना के, कभी मुस्कुरा के.
कभी चुपके चुपके, कभी खिलखिला के.
जिसमे बाधाओं रूपी कितने भी छेद क्यों न हों,
लेकिन जिसे बजाना आ गया, उसे जीना आ गया.
कि सजदे में मैं झुकूँ
और मुझसे जुड़े हर रिश्ते की ज़िन्दगी संवर जाये !!!!!!!!!!
जो मांगने से मिलता है, उसे मन्नत कहते हैं,
जो बिना चाहे बिना माँगे मिलता है, उसे तेरी रहमत कहते है !!
जब हम ना होंगे, तब हमारी बातें होंगी,
कभी पलटोगे जिंदगी के ये पन्ने..
तो शायद आप की आँखों से भी बरसातें होंगी।