मस्त विचार 2092
कुछ लोग इतने गरीब होते हैं
कि उनके पास सिर्फ पैसे होते हैं.
कि उनके पास सिर्फ पैसे होते हैं.
क्योंकि मुझे अपनी औकात अच्छी लगती है.
हर चेहरे में कुछ तो अहसास है,
आपसे यारी हम यूँ ही नहीं कर बैठे,
क्या करें हमारी पसंद ही कुछ ख़ास है.
ये तो बस धागे की ज़िद है कि सबको पिरोये रखना है.
माला की तारीफ़ तो करते हैं सब, क्योंकि मोती सबको दिखाई देते हैं.
काबिले तारीफ़ धागा है जनाब, जिसने सब को जोड़ रखा है.
भुला के गम सारे दिल से जियो
उदासी में क्या रखा है, मुस्कुरा के जियो
अपने लिए न सही अपनों के लिए जियो.
जी भर के देख लीजिये हमको करीब से
फिर आप के नसीब में ये बात हो न हो
शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो.