मस्त विचार 2039

कोई याद नहीं करता जब तक मैं खुद न करूँ याद,

ऐसी हालत में कैसे कह दूँ कि मेरे अपने बहुत हैं.

मस्त विचार 2038

कौन कहता है कि “दूरियां” किलोमीटरों में नापी जाती हैं;,,

खुद से मिलने में भी, उम्र गुज़र जाती है.”…!!!

मस्त विचार 2037

न सीरत पे ध्यान देता है

आईना जब बयान देता है

मेरा किरदार इस ज़माने में

बारहा इम्तिहान देता है

पंख अपनी ज़गह पे वाजिब है

हौसला भी उड़ान देता है

जितने मगरूर हुए जाते हैं

मौला उतनी ढलान देता है

बीती बातों को भुलाकर के वो

आज फिर से जुबान देता है

तेरे बदले में किस तरह ले लूँ

वो तो सारा जहान देता है !

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