मस्त विचार 1826

हमें बिल्कुल नही भाता तुम्हारा मौन यूँ रहना,

मनाते जो नहीं हो तो सताते क्यों नही हो तुम.

मस्त विचार 1824

अब तो अकेले में रहने का आदी हो चूका हूँ मैं.

बदल गए हैं वो लोग जो सुबह शाम हाल पूछा करते थे.

मस्त विचार 1822

लोग कहते हैं की इन्सान अपनी किस्मत खुद लिखता है,

अगर ये सच है तो अपनी किस्मत में दर्द कौन लिखता है !!

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