मस्त विचार 1875

मेरी हस्ती ही नहीं थी तेरे बगैर,

तेरा सर पे हाथ रखना याद आता है,

मंजिल ही नहीं दिखती थी सफर में,

तेरा सही पथ दिखलाना याद आता है.

error: Content is protected