मस्त विचार 1989
स्वयं मुस्कुराने की आदत डाल लीजिये,
दुसरो की उम्मीदों में उम्र गुजर जायेगी….
दुसरो की उम्मीदों में उम्र गुजर जायेगी….
पर रोक दी तलाश हमने
क्योंकि तुम खोये नहीं थे, बदल गये थे.
दूसरों की सदिया वीरान कर देते हैं.
_ दूसरा प्रकार वे हैं जिन्होंने काम किया लेकिन सोचा नहीं..
छलकती, बिखरती खुशियों को अक्सर नज़र लग जाती है.