मस्त विचार 2074
तुम जो हो सो हो, लेकिन खुदा तो नहीं.
अजी हम भी हैं इंसा, तुमसे जुदा तो नहीं.
अजी हम भी हैं इंसा, तुमसे जुदा तो नहीं.
उसने गले लगाकर सारा हिसाब बिगाड़ दिया.
मगर धार काँटों की तेज हो गई उसके सुखने के बाद !!
_ तब तक कोई भी आपकी पीठ पर नहीं चढ़ पाएगा..
कुछ लोग पैदा ही होते हैं; बकवास करने के लिए.
ध्यान से देखोगे तो नीचे मिलेंगे, “खुद के ही दस्तखत”.