मस्त विचार 2021
हम बुरे हैं क्योँकि कुछ लोग बुरा कहते हैं.,
कहने वाले साथ में ही रहा करते हैं …!
उनसे कह दो वो अपना दामन खींच लें …,,
दूर रहने को हम उनसे खुद ही कहा करते हैं..!!
कहने वाले साथ में ही रहा करते हैं …!
उनसे कह दो वो अपना दामन खींच लें …,,
दूर रहने को हम उनसे खुद ही कहा करते हैं..!!
सबके अपनें दिन आते हैं बारी बारी से….. ।।
नदी ने हस कर कहा- जब तक तुझमे मिठास न आ जाये..
सत्य के दुर्दिनों की मत पूछो, झूठ की आरती उतारी थी.
कुल मिलाकर है बात इतनी सी, सबको अपनी ख़ुशी ही प्यारी थी.
हमने सब कुछ ख़ुदा पे छोड़ा था, फिर तो उसकी जबाबदारी थी.
राज गद्दी थी किसकी क़िस्मत में, किसकी क़िस्मत में जाँ निसारी थी.
हाय हमको भी क्या भरोसा था, मानते हैं ये भूल भारी थी.
क्योंकि, बहुत सारे लोग आपसे प्यार करते हैं…