मस्त विचार 1869

सुनो ,, एक मशवरा है ~~ हमें तो तुम खो चुके हो..

वक्त तुम्हे हम जैसे किसी से मिलवा दे तो..

दामन पकड़ के रोक लेना..

मस्त विचार 1868

हर एक शख्स ने अपने अपने तरीके से इस्तेमाल किया हमें..

और हम समझते रहे लोग हमें पसंद करते हैं…

मस्त विचार 1865

तेरे मन के आँगन की मिट्टी में कुछ यादें बो आया हूँ,

फूल बन महकूँगा तुम मुझे पहचान लेना !!

मस्त विचार 1864

खुशियों से नाराज़ है मेरी जिंदगी,

प्यार की मोहताज़ है मेरी जिंदगी,

हस लेता हूँ लोगों को दिखाने के लिए,

वर्ना दर्द की किताब है मेरी जिंदगी.

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