मस्त विचार 1869
सुनो ,, एक मशवरा है ~~ हमें तो तुम खो चुके हो..
वक्त तुम्हे हम जैसे किसी से मिलवा दे तो..
दामन पकड़ के रोक लेना..
वक्त तुम्हे हम जैसे किसी से मिलवा दे तो..
दामन पकड़ के रोक लेना..
और हम समझते रहे लोग हमें पसंद करते हैं…
अब अमीरी आ गई सबको अलग मकान चाहिए.
इतना मिलेगा के शुकर करते करते थक जाओगे…
फूल बन महकूँगा तुम मुझे पहचान लेना !!
प्यार की मोहताज़ है मेरी जिंदगी,
हस लेता हूँ लोगों को दिखाने के लिए,
वर्ना दर्द की किताब है मेरी जिंदगी.