मस्त विचार 1965
आज खामोश हूँ क्योंकि वक्त पर नहीं जोर मेरा,
जब वक्त बदलेगा तो हर तरफ होगा शोर मेरा.
जब वक्त बदलेगा तो हर तरफ होगा शोर मेरा.
किसी की आँख में हम को भी इंतजार दिखे.
_यूँ चुप से क्यूँ हो ..अजी कुछ तो बोलिए..
…….बेहतरीन को खो देते हैं.
छोटी सी चादर से उम्मीदें बड़ी रखता हूँ…
क्योंकि, अपनों के बिना जीवन में सपनों का कोई मोल नहीं होता.