मस्त विचार 1959
भरोसा करते वक़्त होशियार रहिए,
क्योंकि फिटकरी और मिश्री एक जैसे ही नजर आते हैं.
क्योंकि फिटकरी और मिश्री एक जैसे ही नजर आते हैं.
ये फैसला हर बार सामने वाले पे छोड़ा मैंने…
क्योंकि खुशियों के तो दावेदार बहुत हैं.
क्या हमें इसे हलके में लेना चाहिए ?
पर…बिखरे पन्नों को, पहले प्यार से चिपकाइये !!
रात काली ही सही, गम न करो,
एक सितारा बनो और जगमगाते रहो,
जिन्दगी में सदा मुस्कुराते रहो.