मस्त विचार 1822
लोग कहते हैं की इन्सान अपनी किस्मत खुद लिखता है,
अगर ये सच है तो अपनी किस्मत में दर्द कौन लिखता है !!
अगर ये सच है तो अपनी किस्मत में दर्द कौन लिखता है !!
तकलीफ आती हैं पर टिकती नहीं…..
तेरा साया है सदा साथ हमारे….
तेरी नजर पड़ती है हम पर… मगर दिखती,, नही…….
कुछ के लिए दुआओं की भी जरुरत पड़ती है.
जितना वो अपने दिमाग में तय कर लेते हैं.
ग़मों के कभी इतने नखरे नहीं रहे.
जमीं अक्सर किनारों से ही खिसका करती है.