मस्त विचार 1804
चाहे जिधर से गुज़रिये, मीठी सी हलचल मचा दीजिये.
हर शोर खामोश हो जाता है.
फिर मत कहना चले भी गए और बताया भी नहीं.
रखा करो नजदीकियां, ज़िन्दगी का कुछ भरोसा नहीं.
पर फिर सोचा, उम्र का तकाज़ा है, मनायेगा कौन……
क्योंकि आजकल लोगों को सुनाई कम और दिखाई ज्यादा देता है.
मेरा जिक्र ही कहाँ था तेरी रहमतों से पहले …