मस्त विचार 1990
अहम् से ऊँचा कोई आसमान नहीं.
किसी की बुराई करने जैसा आसान कोई काम नहीं.
“स्वयं” को पहचानने से अधिक कोई “ज्ञान” नहीं.
और “क्षमा” करने से बड़ा कोई “दान” नहीं.
लोग कहते है कि आदमी को अमीर होना चाहिए..
और हम कहते है कि आदमी का जमीर होना चाहिए..॥





