मस्त विचार 1774
इस छोटी सी जिंदगी में बड़ा सा सबक मिला है जनाब ….
रिश्ता सब से रखो पर उम्मीद किसी से नही…..
रिश्ता सब से रखो पर उम्मीद किसी से नही…..
मेरी अपनी मंज़िलें मेरी अपनी दौड़.
जिनको इन्सान समझते थे वो पत्थर निकले…
क्या मिला तुझको इस तरह मेरे मन में घाव करके.
लोग पी जाते अगर समंदर खारा न होता.
उस समय भी समय गुजर रहा होता है.