मस्त विचार 1888
नजदीकी फायदा देखने से पहले, दूर का नुकसान सोचना चाहिए.
कुछ अच्छा ही लिख दिया कर, बुरे के लिए तो अपने ही बहुत हैं..!!
देख उस मोड़ को,,,वहां से तू बदलने वाला है.
खुद के अंदर झांकने में क्युं अटकता हूं,
बाँध के झूले भ्रम के क्युं लटकता हूं,
क्या वजह है जो मैं खुद को यू खटकता हूं..
कि हम कैसी ज़मीने और ज़माना छोड़ आए हैं…!!