मस्त विचार 1914
कितनी हैरान करती है…..जिंदगी,
किसी किताब से नहीं मिलती अपनी जिंदगी.
किसी किताब से नहीं मिलती अपनी जिंदगी.
वो आपकी ऐसी आँखें खोलेगा के आपको दूर- दूर तक साफ नजर आएगा.
राब्ता सब से होगा लेकिन वास्ता किसी से नहीं .!!!
फिर तू मुझे “तराशने” की कोशिश में है..!!!”
अपनी कमजोरियों को ही अपनी ताकत बना डालो,
यह काम है मुश्किल, कहते हैं हारनेवाले,
तुम हर मुश्किल को आंसा और मुमकिन बना डालो,
बहाने हैं बहुत, हारनेवालों की किस्मत में,
तुम हर बहाने को ही निशाना बना डालो.
हारने वाले करेंगे, काम कल-परसों,
तुम्हें जो भी करना है, बस आज कर डालो,
हारना या जीतना, फर्क बस एक नजरिया का,
उन्हें खाली की चिंता है, तुम भर कर दिखा डालो,
तुम विजेता हो, जीतने की आदत बना डालो.
आप को और भी बहोत लोग पढ़ते हैं.