मस्त विचार 1690
मंजिल पाना तो बहुत दूर की बात हैं,
गरूर में रहोगे तो रास्ते भी न देख पाओगे.
गरूर में रहोगे तो रास्ते भी न देख पाओगे.
और अच्छे लोगों की भीड़ नहीं होती.
जलवे दिखाते हैं…दोस्त तो क्या, दुश्मन भी याद रखते हैं.
जबकि असफल व्यक्ति लोगों को असफल होते देखना चाहते हैं…
दरवाजे पर लिखा था थोड़ा झुक कर चलिये.
इसलिए मैंने तुम्हें सोचना बंद, और जीना शुरू कर दिया है.