मस्त विचार 1853
घाटे और मुनाफे का बाज़ार नहीं…
इश्क़ एक इबादत है, कारोबार नहीं….
इश्क़ एक इबादत है, कारोबार नहीं….
सब ने सोच लिया मुझे तकलीफ़ नहीं होती.
नज़र उठाओ सामने ज़िंदगी खड़ी है.
नदियों को बहने के लिए किसी, पथ की जरूरत नहीं होती.
जो बढ़ते हैं जमाने में, अपने मजबूत इरादों के बल,
उन्हें अपनी मंजिल पाने के लिए, किसी रथ की जरूरत नहीं होती.
चिरागों के जलते ही…बुझा दी जाती हैं “तीलियाँ”.
सुना है दोस्तों के भी दोस्त होते हैं.