मस्त विचार 1850

सत्य को कहने के लिए किसी, शपथ की जरूरत नहीं होती.

नदियों को बहने के लिए किसी, पथ की जरूरत नहीं होती.

जो बढ़ते हैं जमाने में, अपने मजबूत इरादों के बल,

उन्हें अपनी मंजिल पाने के लिए, किसी रथ की जरूरत नहीं होती.

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