मस्त विचार 1679

सीढ़ियां उन्हें मुबारक हो जिन्हें छत तक जाना है,

मेरी मंज़िल तो आसमान है रास्ता मुझे खुद बनाना है !!!

मस्त विचार 1678

हमें यह आशा छोड़ देनी चाहिए कि समुद्र कभी शांत हो जाएगा.

हमें तेज हवाओं में नौका चलाने की आदत डालनी चाहिए.

मस्त विचार 1677

पानी फेर दो इन पन्नों पर, ताकि धूल जाए स्याही सारी,

जिन्दगी फिर से लिखने का मन होता है कभी- कभी.

मस्त विचार 1675

परेशानी का कोई पैमाना नहीं होता साहब,

कुछ लोग तो यही सोच कर परेशान रहते हैं,

ये सामने वाला इतना खुश क्यों है.

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