मस्त विचार 1869

सुनो ,, एक मशवरा है ~~ हमें तो तुम खो चुके हो..

वक्त तुम्हे हम जैसे किसी से मिलवा दे तो..

दामन पकड़ के रोक लेना..

मस्त विचार 1868

हर एक शख्स ने अपने अपने तरीके से इस्तेमाल किया हमें..

और हम समझते रहे लोग हमें पसंद करते हैं…

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