मस्त विचार 1667
अगर आप अच्छी रोटी कमा रहें हैं,
_ तो मक्खन लगाने वाले खुद ब खुद आ जायेंगे.
बाकि सब तो ठीक है.. लेकिन, अभी रोटी के वास्ते आटा तो ख़रीद लूं..!!
_ तो मक्खन लगाने वाले खुद ब खुद आ जायेंगे.
ये वो पूंजी है जिसे कमाना पड़ता है और ये पूंजी वही कमा पाता है,
जो दूसरों पर भी यही खर्च करता है.
….आप अपनी ही मिसाल ले लो…
उसके द्वार पर खड़ा सुख बाहर से ही लौट जाता है.
_ मेरी फितरत में तो _ गैरों पर भी भरोसा करना था !!
और अच्छे लोगों की भीड़ नहीं होती.