मस्त विचार 1837
न किस्सों में, और न किस्तों में,
जिंदगी की खूबसूरती है, कुछ रिश्तों में….!!!
जिंदगी की खूबसूरती है, कुछ रिश्तों में….!!!
पी गए कुछ और कुछ छलका गए.
और जिसने खुद को बदल लिया वो जीत गया…..
और दुर्भाग्य ये कि भाग्य से जो मिला है उसे जी नही पा रहा.
और इससे पहले तुम्हारी नई माँग की लहर इसको डुबा दे … इसे जी लो.
नाम” खुद कमाना पड़ता है “बदनामी” लोग आपको कमा के देते हैं.