मस्त विचार 1901
कौन कहता है की हम उसे जानते नही,
जो सारी कायनात का मालिक है.
ये तो वो जाने या मैं जानू,
जिसने महसूस किया, उसने ही उसे जाना है.
जो सारी कायनात का मालिक है.
ये तो वो जाने या मैं जानू,
जिसने महसूस किया, उसने ही उसे जाना है.
जो दूसरों से उम्मीद नहीं रखते हैं,
उन्हें किसी से कोई शिकायत नहीं होती है.
मेरा अपना साया मुझे धुप में आने के बाद मिला.
वरना हकीकतें तो अक्सर रुला देती है.
और अनुभव हमारे जीवन की सीख है.
मुस्कुराहट का क्या है, गैरों से भी वफा कर लेती है.