मस्त विचार 1901

कौन कहता है की हम उसे जानते नही,

जो सारी कायनात का मालिक है.

ये तो वो जाने या मैं जानू,

जिसने महसूस किया, उसने ही उसे जाना है.

मस्त विचार 1900

“छोटी सी लाइन लेकिन बड़ी बात”

जो दूसरों से उम्मीद नहीं रखते हैं,

उन्हें किसी से कोई शिकायत नहीं होती है.

मस्त विचार 1896

आँसू जानते हैं कौन अपना है, तभी अपनों के आगे निकलते हैं,

मुस्कुराहट का क्या है, गैरों से भी वफा कर लेती है.

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