मस्त विचार 1848
हर दोस्त को हर राज मत बताओ,
सुना है दोस्तों के भी दोस्त होते हैं.
सुना है दोस्तों के भी दोस्त होते हैं.
क्योंकि धूप कितनी भी तेज क्यों न हो, समंदर कभी सूखा नहीं करते.
ज़मीनों की ज़रूरत न रहेगी तुझे..,
देखना ये है आप पूछ किससे रहे हैं.
खुशी हो या ग़म, बाँट लेंगे आधा आधा हम.
इस पर पैर रखते हो तो ही चुभते हैं.