मस्त विचार 1824

अब तो अकेले में रहने का आदी हो चूका हूँ मैं.

बदल गए हैं वो लोग जो सुबह शाम हाल पूछा करते थे.

मस्त विचार 1822

लोग कहते हैं की इन्सान अपनी किस्मत खुद लिखता है,

अगर ये सच है तो अपनी किस्मत में दर्द कौन लिखता है !!

मस्त विचार 1821

कृपा तेरी होती है पर दिखती नहीं…..

तकलीफ आती हैं पर टिकती नहीं…..

तेरा साया है सदा साथ हमारे….

तेरी नजर पड़ती है हम पर… मगर दिखती,, नही…….

error: Content is protected