मस्त विचार 1771

मन के सौ टुकड़े कर दिए तूने बुरा बर्ताव करके,

क्या मिला तुझको इस तरह मेरे मन में घाव करके.

मस्त विचार 1768

किसी एक जगह बहुत ही खूबसूरत शब्द लिखे थे,

दुनिया में छोड़ने जैसा कुछ है तो दुसरों से उम्मीद करना छोड़ दो.

मस्त विचार 1767

जरुरी नहीं है बीमार होने की वजह बीमारी ही हो,

कुछ लोग तो दूसरों की खुशियाँ देख कर भी बीमार हो जाते हैं.

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